प्रिंटर का आविष्कार किसने और कब किया

  आज के पोस्ट में हम जानेंगे कि प्रिंटर का आविष्कार किसने किया तो आप इस आर्टिकल को पूरा अंत तक अवश्य पढ़ें क्योंकि इस आर्टिकल में मैं आपको प्रिंटर की अविष्कार किसने और कब किया इसके बारे में पूरी जानकारी हिंदी में दूंगा।


प्रिंटर हमारे दैनिक जीवन में इतना महत्वपूर्ण उपकरण है कि जिसके इस्तेमाल से हम हुबहू नकल निकाल सकते हैं इसके अविष्कार से पहले कोई भी डॉक्यूमेंट को कॉपी करने के लिए कोई भी साधन नहीं था इसलिए हमारे दैनिक जीवन में इसका महत्वपूर्ण योगदान है।

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क्योंकि जब प्रिंटर नहीं था तो पुस्तक और अन्य रीडिंग सामग्री को हाथ से लिखा जाता था और उस समय उस पुस्तक कीमत बहुत ज्यादा था दुनिया की प्रथम मुद्रित पुस्तक 'हरीकसूत' सन् 868 ई. में छपी गई थी जो कि यह पुस्तक लकड़ी के ठप्पे से छापी गई थी अगर वह लकड़ी का ठाप्पा बहुत जल्दी धीसकर खराब हो जाता था।


13वीं शताब्दी में चीन के 'पी शेंग' नामक व्यक्ति ने धातु के टाइप बनाया इसके बाद चीन के कोरिया के राजा 1319 ईसवी में धातु के टाइप बनाने के लिए करखाना बैठाया इसके बाद 1404 में उस कारखाने से बनाए कांस्य टाइप से एक पुस्तक छापी गई।


15 वी शताब्दी में जर्मन के स्वर्ण का कारीगर ने मेंज शहर की टकसाल में ठप्पाकार का काम करता था जो किया हमेशा कर्ज से डूबा ही रहता था तब उसने 1430 ई. में वह मेंज से ‘स्ट्रैसबर्ग' ने पत्थर के पोलीस व्यवसाय आरंभ किया


प्रिंटर मशीन क्या है?

प्रिंटर का आउटपुट डिवाइस है जिसका इस्तेमाल हार्ड कॉपी करने के लिए और किसी अन्य डॉक्यूमेंट को प्रिंट करने के लिए किया जाता है यह Documents को प्रिंट करने के लिए कंप्यूटर या अन्य उपकरणों पर उपयोगकर्ताओं द्वारा input command के द्वारा काम करता है।


प्रिंटर एक output device हैं इसका मुख्य रूप से दो प्रकार होते हैं 2D और 3D प्रिंटर है इन दोनों का अलग-अलग खा रहे हैं 2D का उपयोग Text,Graphics और पेपर पर प्रिंट करने के लिए किया जाता है और 3D का उपयोग आयामी Physical वस्तुओं के बनाने के लिए किया जाता है।


प्रिंटर का आविष्कार किसने किया

सन् 1450 में hohan fust नामक एक सेट में आर्थिक सहयोग दिया johannes ने अपने पहली पुस्तक छापी उस समय इस पुस्तक का नाम था "भाषण देने की कला" जो कि इस पुस्तक में 28 पृष्ठ था वह और यह सभी पृष्ठ को अलग-अलग छापे थे जो ले जाते थे सभी पृष्ठ को एक साथ करके ले जाते थे।


इनकी पुस्तक की बिक्री काफी ज्यादा कम होने लगी क्योंकि उस समय बहुत से लोग अनपढ़ थे इसलिए फिर से इनका आर्थिक स्थिति में गड़बड़ी होने लगी। इस तरह उनके 5 साल ऐसे ही निकल गए और वह निराश हो गए फिर इसी बीच इसने 'बाइबिल' भी छाप दी। वह बाइबिल 1282 पृष्ठों की थी। उनकी तीन सौ प्रतियां छापी गईं थी


किसी भी चीज का सेठ ने वापस आकर इससे पैसा मांगने लगा लगा johannes और भी ज्यादा निराश हो गए दोस्तों प्रिंटर का आविष्कार का पूरा क्षेय इसी को जाता है क्योंकि बहुत से मुश्किल के सामने आती है आई इनके बारे में पूर्ण रूप से जानते हैं


johannes के इतिहास

johannes के पास पैसा ना होने के कारण अपना टाइप प्रेस, औजार के कागज सभी सेठ को दे दिया और सेठ ने इन सभी समान को पीटर शोभर नामक एक दूसरे ठप्पाकार को दे दिये। जिसने टाइप की ढलाई के तरीके में काफी सुधार किए।


जब johannes ने वहां से निकलकर 1465 ई. में मेंज के बड़े पादरी के दरबार में गया और वहां पर पादरी को सभी बात बताया और पादरी ने वहां पर अपने यहां नौकरी पर रख लिया और वहां पर काम करने लगे और वह अपनी जिंदगी से बहुत ही परेशान हो गए थे


सबसे पहले इंग्लैण्ड के William Kexaton ने सन् 1476 ई. में अंग्रेजी भाषा में एक पुस्तक प्रकाशित कीसन् 1556 ई में अपने देश भारत में छापखाने की मशीन पहुंच गयीं। भारत में छापेखाने के विषय में सन् 1563 ई में एक पुस्तक छपी भारत में पहली बार मलयालम-तमिल टाइप सन् 1577 ई. में कोचीन में एक स्पेनिश द्वारा ढाले गए। उस स्पेनिश का नाम था-'ले ब्रदर'।

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निष्कर्ष:-

मुझे उम्मीद है कि आपको प्रिंटर का आविष्कार किसने किया इसके बारे में पूर्ण रूप से पता चल गया होगा अगर आपको इसके अलावा और भी सवाल है तो आप हमें कमेंट में बता सकते हैं मैं आपका सवाल की पूरी रिप्लाई देने की कोशिश करूंगा।


अगर हमारे द्वारा लिखे गए आर्टिकल में कहीं पर भी गलती हो तो आप हमें कॉमेंट के जरिए उस आर्टिकल को एडिट करवा सकते हैं।


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