वाशिंग मशीन का आविष्कार किसने और कब किया

  क्या आप जानते हैं वाशिंग मशीन का आविष्कार किसने और कब किया अगर नहीं जानते हैं तो आप इस आर्टिकल को पूरा अंत तक अवश्य पढ़ें क्योंकि इस आर्टिकल में वाशिंग की खोज किसने की किया इसके बारे में आपको हिंदी में जानकारी मिलेगी।


वाशिंग मशीन का इस्तेमाल कपड़ा धोने के लिए किया जाता है जब वाशिंग मशीन का आविष्कार नहीं हुआ था तो बहुत से लोग कपड़े को नदी या तालाब में कपड़े धोते थे और कपड़े धोने के लिए रेत के इस्तेमाल करते थे और उस समय उस रेत की मांग बहुत थी।

washing machine ka avishkar kisne kiya

ऐसे माना जाता है कि रोम की पहाड़ी साइपो पहाड़ी में प्राचीन कपड़े धोने के साबुन के प्रमाण देखने को मिला है और कहा जाता है कि मरे हुए जनावर को जला कर के और उसके राख से कपड़े धोया जाता था वह समय कपड़े धोने के लिए बहुत से जिव एवं रेत का इस्तेमाल किया गया है।


प्राचीन समय में लोगों को पास साबुन ना होने के कारण से रेल के द्वारा कपड़े को धोते थे और नहाने के लिए भी रेत का इस्तेमाल करते थे लेकिन जैसे-जैसे हमारी दुनिया विकसित हुई ठीक उसी प्रकार अनेकों उपकरण का अविष्कार हुआ ।


जैसे कि कपड़ा धोने के लिए सरफ (detergent) का इस्तेमाल किया गया नहाने के लिए साबुन के इस्तेमाल किया गया और आधुनिक समय में मशीन का भी अविष्कार किया गया कपड़े धोने के लिए तो आइए अब हम जानते हैं इस मशीन के बारे में।


वाशिंग मशीन क्या है? (What is washing machine in Hindi)

दोस्त आपकी जानकारी के लिए मैं बता दूं कि वाशिंग मशीन मैं कपड़े डालकर धोया जाता है पहले के समय में लोग कपड़े धोने के लिए चट्टानों के इस्तेमाल करते थे लेकिन आधुनिक के समय में चट्टान के कोई आवश्यकता नहीं है सिर्फ मशीन में कपड़ा डालो उसके बाद ऑन करो उसके बाद आपके कपड़े धुल जाएगा।


एक तरह से हमारे घरों के लिए अति आवश्यक उपकरण है जिसके द्वारा हम किसी भी प्रकार के कपड़े को धो सकते हैं इस मशीन के द्वारा तो आइए हम इस who innocent washing machine के बारे में जानते हैं।


वाशिंग मशीन का आविष्कार किसने किया

सन् 1767 में जर्मन वैज्ञानिक Jacob Christian Schaefer ने  पहली वॉशिंग मशीन का आविष्कार किया वाशिंग मशीन रूप से स्केटबोर्ड था जिसे कपड़ा धोने के लिए डिजाइन बनाया गया था और किसी को उस समय वाशिंग मशीन कहा जाता था लेकिन असल में यह वाशिंग मशीन नहीं था।


जैसे कि आपको पूर्वज हो या फिर वासा हाउस के महिला कपड़े धोने के लिए पत्थर या लकड़ी के सहारे लेती थी और उस पर जोर जोर से कपड़े को पटक कर धोती थी और कपड़े पर लगे धब्बे की दाग हटाने के लिए उस समय साबुन के जगह रेत इस्तेमाल किया जाता था।


बिजली से चलने वाली वाशिंग मशीन

आइए हम जानते हैं बिजली से चलने वाली वाशिंग मशीन के बारे में यह मशीन बिजली की मदद से कपड़े धोने में बहुत ज्यादा मदद करती है।


Mighty Thor Washing Machine

19 वी सदी में Mighty Thor  नामक एक वाशिंग मशीन मार्केट में लांच किया गया था जो कि यह सबसे पहली वाशिंग मशीन था इस मशीन को अल्वा जे फिशर को 1901 में इसके पेटेंट कराया था जोकि Chicago Illinois की हार्ले मशीन कंपनी द्वारा Thor Machine पेश किया गया था।


Mighty Thor  मशीन को जस्ती ट्यूब और इलेक्ट्रॉनिक मोटर के साथ एक ड्रम की तरह यह वाशिंग मशीन था यह ग्राम पहले धातु का था लेकिन कुछ समय बाद इसको लकड़ी में बदल दिया गया वाशिंग मशीन के जरिए कपड़े धोना बहुत ही आसान बना दिया जो कि इस मशीन को हाथ से संचालित नहीं किया जा सकता था इलेक्ट्रॉनिक से किया जाता था।


Automatic washing machine

ये ऑटोमेटिक मशीन 1930 में आई थी इस मशीन को संचालित करने के लिए नए मॉडल में प्रेशर स्विच, Thermostat और power button था इस मशीन को मार्केट में आते ही काफी ज्यादा डिमांड बढ़ गई 1980 में इस मशीन का डिमांड मार्केट में बहुत ज्यादा हो गया।


ऑटोमेटिक वाशिंग मशीन के निम्न विशेषता

  • इस मशीन का वजन कितना हल्का होता है कि इसे स्त्री भी उठा सकती है।
  • इस मशीन में उर्जा और पानी की बचत कम है
  • कुछ ऐसे मशीन है जो कि कपड़ों को आसानी से धो सकती है।

  • मशीन के सेंसर के लिए पैरामीटर का इस्तेमाल किया गया है जो कि पानी के स्तर, गति और संचालित।
  • ऑटोमेटिक वाशिंग मशीन प्रमुख बातें
  • इस ऑटोमेटिक वाशिंग मशीन में बिना किसी गाइडलाइन के सभी कपड़े धो सकते हैं।

  • यह एक Programmer वाशिंग मशीन हैं।
  • इस मशीन में एक टाइमर लगा होता है जिसके द्वारा हम मशीन को कंट्रोल कर सकते हैं।
  • इसको Thermostat temperature के द्वारा कंट्रोल किया जा सकता है।
  • इसमें pressure switch और Solenoid bulb होता है जब पानी का टैंक भर जाता है तो यह पानी का कनेक्शन काट देता है।


Modern Washing Machine

दोस्तों आधुनिक समय में बात की जाए वाशिंग मशीन के बारे में तो इसका मॉडर्न बहुत काफी ज्यादा मार्केट में आ चुका है से कंपनियां वाशिंग मशीन बेच भी रहे जिसका नाम सैमसंग,एलजी और व्हर्लपूल इसके अलावा कई ऐसी कंपनियां मौजूद है जो कि मॉडर्न वाशिंग मशीन मार्केट में बिक रही है।


वाशिंग मशीन ऊर्जा की कम खबर करती है इसके वजह से वाशिंग मशीन की डिमांड दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है क्योंकि बहुत से लोग कि मानना है कि कपड़े धोने के लिए मेहनत क्यों करें सिर्फ वाशिंग मशीन के सहायता से गंदे कपड़े आसानी से धोया जा सकता है ‌


वाशिंग मशीन का इतिहास

सन 1767 में जर्मन वैज्ञानिक जैकब क्रिश्चियन शेफ़र ने पहली वाशिंग मशीन का आविष्कार किया लेकिन यह मुख्य रूप से स्क्रब बोर्ड था जो कि कपड़े धोने के लिए एक डिजाइन बनाया गया था लेकिन असल में है यह वाशिंग मशीन नहीं थी।


इसके बाद 1851 मे अमेरिका के James King ने  में एक ड्रम वाली वॉशिंग मशीन के लिए पेटेंट जारी किया मशीन को उपकरण के एक आधुनिकी में डिजाइन किया James King जिसमें एक इंजन था जो कि ये क्रैंक का उपयोग करना शुरू किया लेकिन यह अभी भी मैनुअल था।


1858 में hamilton smith ने वाशिंग मशीन का पेटेंट कराया इसके बाद 1861 में James King ने अपनी मशीन में रिंगर शामिल किया लेकिन ये वाशिंग मशीन मुख्य रूप से व्यावसायिक उपयोग के लिए था इस मशीन में कपड़े धोने के लिए बहुत ज्यादा पैसा खर्च होता था यह मशीन महंगे होने के कारण घरों में इस्तेमाल 

नहीं किया जा सकता था।


घर में इस्तेमाल करने के लिए मुख्य रूप से डिजाइन की गई पहले इंडियाना मशीन विलियम ब्लैकस्टोन द्वारा बनाई गई थी इन्होंने 18 74 में अपनी पत्नी के जन्मदिन पर  इस मशीन को गिफ्ट भेंट किया दोस्तों ऐसा मशीन है जिसने गंदे कपड़े डालने के बाद पूर्ण रूप से साफ हो जाता है।


आधुनिक की समय की वाशिंग मशीन

जैसे कि आप जानते हैं वाशिंग मशीन में कपड़ा धोने पर सारा कुछ प्रोग्राम पर सेट किया गया है इसमें एक साथ बहुत सारा कपड़ा धो सकते हैं स्पीड क्वीन एक ऐसी washing machine है जो प्रदर्शन के मामले में औद्योगिक लॉन्ड्री आवश्यक है


वाशिंग मशीन में पानी और बिजली लागत खुद कम करती है लॉन्ड्री संपत्तियों में सबसे आगे है। प्रगति के रिकॉर्ड में जो भी शक्ति धुलती है। ये मशीनें कपड़े धोने के गुणों को संरक्षित करते हुये पानी और ऊर्जा की दैनिक खपत के कम करती हैं। क्या वे बल स्पिन गति के लिए रिकॉर्ड समय में धोते हैं।


आज के समय में वाशिंग मशीन खरीदना बेहद आसान हो गया है क्योंकि आप ऑनलाइन करके घर बैठे वाशिंग मशीन मंगवा सकते हैं वाशिंग मशीन इस्तेमाल करने से बहुत ही फायदा है क्योंकि आपके जो कपड़े धोने में टाइम लगता है और टाइम बच जाएगा।


और आप कुछ कीमती टाइम को कहीं दूसरे जगह उपयोग कर सकते हैं वाशिंग मशीन इस्तेमाल करने का मुख्य फायदा है।

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निष्कर्ष

मुझे उम्मीद है कि आपको वाशिंग मशीन का आविष्कार किसने और कब किया इसके बारे में पूर्ण रूप से पता चल गया होगा अगर आपको इसके अलावा और भी सवाल है तो आप हमें कमेंट में बता सकते हैं मैं आपका सवाल की पूरी रिप्लाई देने की कोशिश करूंगा।


अगर हमारे द्वारा लिखे गए आर्टिकल में कहीं पर भी गलती हो तो आप हमें कॉमेंट के जरिए उस आर्टिकल को एडिट करवा सकते हैं।


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